आज का समय बनाम पहले का समय: क्या खो दिया हमने तरक्की की इस दौड़ में? भूमिका: समय बदलता है, और उसके साथ जीवन, सोच, आदतें, ज़रूरतें — सबकुछ बदल जाता है। प्राचीन समय से लेकर मध्यकाल और फिर आधुनिक समय तक मानव जीवन का विकास होता गया। विज्ञान, तकनीक और आधुनिक साधनों ने हमारी ज़िंदगी को आरामदायक तो बनाया, लेकिन क्या इसके बदले हमने अपनी कुछ अनमोल चीज़ें खो दी हैं? इस ब्लॉग में हम यह जानेंगे कि प्रकृति के अनुसार जीवन, खाना-पीना, रिश्तों की मिठास, स्वास्थ्य और मानसिक शांति — इन सबमें पहले और अब के समय में क्या बड़ा अंतर आया है। प्रकृति के साथ तालमेल वाली ज़िंदगी - प्राचीन और मध्यम समय में लोग प्रकृति को अपनी माँ मानते थे। उनकी जीवनशैली का हर हिस्सा प्रकृति से जुड़ा हुआ था: खेतों में काम, ताज़ी हवा, शुद्ध पानी, दिन-रात का सही अनुशासन, प्रकृति के नियमों का पालन, सुबह सूरज के साथ उठना, रात को जल्द सो जाना…शरीर और मन दोनों के लिए उत्तम व्यवस्था थी। आज? रात भर मोबाइल, गेमिंग, ओटीटी, सुबह शरीर भारी, दिमाग थका हुआ —प्रकृति की ताल से पूरी तरह दूर। खाना-पीना: प्र...